Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 10 · · Verse 1
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

उत्तरायण सूर्य के रहते तथा बृहस्पति, शुक्र और चन्द्रमा ग्रहों के उदित रहते और मंगल, सूर्य, तात्कालिक लग्न का स्वामी, तात्कालिक दशा का स्वामी और जन्मलग्न का स्वामी बली हो तो राजाभिषेक शुभ होता है। चैत्रमास, मलमास, चौथि, नवमी, चतुर्दशी तिथि और मंगल दिन तथा रात्रि का समय अशुभ होता है, इसलिए इनमें राज्याभिषेक न करना चाहिए ॥| १॥।

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