Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 6 · · Verse 95
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

। कृष्णपक्ष में, शर्नेंब्चर, मंगल वा रविवार में, और विवाह में वर्जित नक्षत्रों मेंयदि संकर वर्णों काविवाह हो तो उनको पुत्र, आयु, धन, लाभ और प्रीति की प्राप्ति होती है ।। ९४॥। गान्धर्वादि विवाह और त्रिपदीचक्र में नक्षत्रशुद्धि गान्धर्वादिविवाहे$कंहिदने त्रगुणन्दवः । कुयुगा ड्भगग्निभ्रामास्त्रिपद्यामशुभाःशुभाः ॥ ९५॥

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