Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 6 · · Verse 107
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

अन्वयः--पातदग्धतिथिभि: सह उत्पातान्‌ू, तथा दुष्टान्‌ योगान्‌ अथ चन्द्रेज्योशनसां अस्तमयनं तथा तिथ्या: क्षयर्धी, च सविष्टिसंक्रमदिनं, गण्डान्तं, तथा -तन्वंशपास्तं, अथ तन्‍्वंशेशविधून्‌ तथा अष्टरिपुगान्‌ पापस्य वर्गान्‌ सेंन्दुक़॒रखगोदयांशं उदयास्तशुद्धिचण्डायूधान्‌ू, दशयोगयोगसहितं खाजूरंजामित्नलत्ताव्यधम्‌, तथा बाणोप- ग्रहपापकततेरि, तिथ्यक्षेयोगोत्यितं दुष्ट योगं॑ अथ अर्ध॑यामकुलिकाद्यान्‌ वारदोषान्‌ अधि [तथा ] क्रराक्रान्तविमुक्तभं, ग्रहणभं, तथा यत्‌ कऋरगन्तव्यभं, त्रंधोत्पातहतं च पुनः केतुहतभं तथा सन्ध्योदितं भ॑च (पुनः) तद्गत्‌ ग्रहभिन्नयुद्धशतभं, ग्रहकृतान्‌ लग्नस्य दोषान्‌ अपि इमान्‌ सर्वान्‌ उद्घाहे शुभकमंसु सन्त्यजेत्‌ ॥। १०७-१० | ॥ दिग्दाह प्रसिद्ध वृक्ष यामकान आदि का अकस्मात्‌ गिरना, पानी का बरसना, उल्कापात, बड़ी आँधी का आना, बिजली का गिरना, बिना मेघ का गरजना, भूकम्प आना, चन्द्र-सूर्य में मण्डल होना, सियारी का चिल्लाना, और भी ग्रामसम्बन्धी उत्पात तथा क्रान्तिसाम्य, दग्धातिथि, व्यतीपात, वेधृति इत्यादि दृष्टयोग, चन्द्र; शुक्र, बृहस्पति का अस्त, दक्षिणायन, तिथि की हानि-वृद्धि, नक्षत्र, तिथि, लग्न के गण्डान्त, भद्रा, संक्रान्ति दिन, लग्न और नवांश के स्वामी का अस्त, लग्न से आठवें वा छठ स्थान में स्थित लग्न वा नवांश का स्वामी, लग्न में पापग्रहों के गृह, होरा, द्रेष्काण, नवांश, द्वादशांश, त्रिशांश, चन्द्रमा वा क्र्रग्रह से युक्त लग्न वा नवांश, लग्नशुद्धि, सातवें स्थान की शुद्धि, पात और खार्जूर दोष, दशयोगों के सहित जामित्र वा लत्तादोष, वेधे दोष, बाणदोष, उपग्रह- दोष, पापकत्तरीदोष तथा तिथि-नक्षत्र से, तिथि-वार से, नक्षत्र-वार से, वा तिथि-नक्षत्र-वार से उत्पन्न दुष्योग, अर्द्धथाम, कुलिकादि वारदोष, ऋरग्रहयुक्त नक्षत्र, ऋरग्रह का भोग किया नक्षत्र, जिसमें क्ररग्रह आनेवाला हो या सूर्य-चन्द्रग्रहण हुआ हो वह नक्षत्र, जिसमें पूर्वोक्त उत्पात हुए हों या केतु का उदय हुआ हो वह नक्षत्र, सूर्य के अस्तकाल में प्रारम्भ होनेवाला, अर्थात्‌ सूर्य के नक्षत्र से चौदहवाँ नक्षत्र, जिसमें ग्रहों का युद्ध हुआ १५८ मुहत्तचिन्तामणि हो वह नक्षत्र और लग्न के दोष इन सबका विवाहादि सम्पूर्ण शुभ कार्यों में त्याग करे ॥| १०७-१०९ ॥

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