Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
रजोदर्शन से चार दिन बाद अपनी स्त्री के गमन में नक्षत्र गण्डान्त, तिथि गण्डान्त, लग्न गण्डान्त, जन्मनक्षत्र से सातवाँ नक्षत्र, जन्मनक्षत्र, मूल, भरणी, अदश्विनी, रेवती, ग्रहण का दिन, व्यतीपात और वेधृतियोग, माता-पिता का श्राद्धदिन, परिघयोग का पूर्वाद्धे, उत्पात से दूषित नक्षत्र, जन्मराशि-जन्मलग्न से आठवीं लग्न, पापग्रहयुक्त नक्षत्र अथवा लग्न, इन सबका त्याग करे ।। ५॥
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