Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
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Hindi
अन्वयः--सितासितादो सहूटे चन्द्रे उभो पक्षौ शुभ प्रोक्तौ । व्यत्यासे च अशुभौ प्रोक््तो, इदं अब्जबलं संकट विचाय॑म् ।। 5 ॥ शुक्लपक्ष की परीवा में जिसका चन्द्रमा शुभ होता है उसका पक्षभर शुभ ही रहता है और क्रृष्णपक्ष की परीवा में जिसका चन्द्रमा अशुभ होता है उसका भी पक्षभर शुभ ही रहता हैऔर इससे विपरीत अर्थात् शुक््लपक्ष की परीवा में जिसका चन्द्रमा अशुभ होता है उसका सम्पूर्ण पक्ष अशुभ रहता है और कृष्णपक्ष की परीवा में जिसका चन्द्रमा शुभ होता हैउसका सम्पूर्ण पक्ष अशुभ रहता है। यह चन्द्रमा का बल किसी संकट के समय अर्थात् अत्यन्त आवश्यक विवाह वा यात्रादि करने में यदि तात्कालिक चन्द्रशुद्धि न हो तो विचारना चाहिए, अन्यथा नहीं ।। ८ ॥
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