Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 3 · · Verse 11
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

जघन्यसंज्ञक नक्षत्रों:में संक्रान्ति हो तो पन्द्रह मुहर्त्त, बृहत्संज्ञक नक्षत्रों में संक्रान्ति होतो पेंतालिस मुहत्तं और समसंज्ञक नक्षत्रों में संक्रान्ति ही तो तीस मुह॒त्त होते हैं। जिस महीने की संक्रान्ति में पन्द्रह मुहत्त होते हैं उस महीने में अन्न महँगा और जिस महीने की संक्रान्ति में पेंतालिस मुहत्ते होते. हैंउस महीने में अल्न सस्ता और जिस महीने की संक्रान्ति में तीस मुह॒त्तं होते हैं उस महीने में अन्न न महँगा न सस्ता, किन्तु समभाव बिकता है । चन्द्रोदय में भी ऐसे ही अन्न का भाव जानना चाहिए अर्थात्‌ जघन्यसंज्ञक नक्षत्रों में प्रथम चन्द्रमा का उदय हो तो उस महीने भर अन्न महँगा, बृहत्संज्ञक नक्षत्रों में चन्द्रमा काउदय हो तो उस महीने में अन्न सस्ता और समसंज्ञक नक्षत्रों में चन्द्रमा काउदय हो तो उस महीने में अन्न समभाव बिकता है ॥| ११॥

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