Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 2 · · Verse 61
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

रिक्तारव्ज्य॑ दिवसेडतिशरता शह्ाड्भ[पापस्त्रिभवाडसंस्थ: । व्यन्त्याष्टग: सत्खचरमृ गेन्द्रेसूर्यो घटे को युवता च विष्ण: || ६१॥ रिक्ता और रविवार को छोड़ अन्य तिथियों और दिनों में; पापग्रह केन्द्र, द्वितीय, द्वादश स्थान में न हों; चन्द्रमा रेवती, पुनर्वसु, स्वाती, मृगशिरा, श्रवण में हो; सूर्य कुम्भ में हो; कुम्भ लग्न हो तो विष्णु की प्रतिष्ठा शुभ है।

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