Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 1 · · Verse 15
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

चित्राद्दशौं शिवाहइव्यर्का: श्रुतिसुले यमेन्द्रभे। चेत्रादिमासे शन्‍्याख्यास्तारा वित्तविनाशकाः॥ १५४ अन्वयः--चित्राद्वीशौ, शिवाण्व्यर्का:, श्रुतिमूले, यमेन्द्रभे (एता:) वित्तविनाशका: शून्याख्या: तारा: (ज्ञया:) ॥ १४-१५॥ अगहन मैं चित्रा और विशाखा, पौष में आर्द्रा, अद्विनी और हस्त, माघ में श्रवण और-मूल, फाल्गुन में भरणी और ज्येष्ठा नक्षत्र शुन्‍्य हैं। इनमें शुभ कार्य करने से धन का नाश होता है ॥ १४-१५ ॥।

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