Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
यह चन्द्रमा प्रतिपदा के समय उदित होता है इसलिये द्वितीया में वर्धनशील होने के कारण प्रशस्त माना जाता है। और दूसरे देश में उदित चन्द्रमा भी तब तक विफल है जब तक स्वदेशभूमिस्थ लोगों का इष्टिगोचर न हो। अर्थात् जब तक अपने देश में चन्द्रमा दृश्य हो तब तक ही उसका फल भी होता है ॥ २४ ॥
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.