Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
उन ऋतुओं की सन्धि ६६ घटी होती है। यदि विषुव (मेष, तुला) और अयन (कर्क, मकर) सम्बन्धी हो तो १३२ घटी अर्थात् ६६ पूर्वे और ६६ पश्चात् सन्धि काल समझना। और जब एक राशियुक्त सायन सूर्य के अंश में ६० के भाग देने से शेष शून्य हो जाय तो वह काल सन्धि की सन्धि समझना — वह विशेष पुण्यप्रद है ॥ १९ ॥
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