Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
मूल, वसंशक (तीनों उत्तरा, रोहिणी), अनुराधा, मृगशिरा, मूल, रेवती, हस्त, मघा, और स्वाती ये ११ नक्षत्र यदि वेधादि दोषों से रहित हों तो स्त्रियों के पाणिग्रहण में मंगलकारक होते हैं। तथा मीन को छोड़कर मकरादि ६ राशियों में (अर्थात् मकर, कुम्भ, मेष, वृष, मिथुन में) सूर्य हों तो विवाह में मंगलकारक होते हैं।
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