Vivāha Vṛndāvana
Chapter 14 · Mishra Prakarana (Miscellaneous Chapter) · Verse 29
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

चाक्षुस से पूर्ण प्रस्थ आदि (सेर, पौआ, आदि) अन्न नापने के पात्र को संमार्जिनी (झाड़ू) से ढककर उस पर गणेशजी की प्रतिमा रखकर उनकी पूजा कर और उन्हें हाथ में लेकर रात्रि के समय कन्यासहित तीन सुवासिनी स्त्री घोबी आदि जातियों के घर के समीप जाकर चुपके से उस घर में रहनेवाले का शब्द सुने, वहाँ जिस प्रकार का वचन सुनने में आवे उसी प्रकार अपने चिन्तित कार्य की सिद्धि समझना ॥ २९ ॥

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