Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
वर जिस समय कन्या का वरण करे उस समय पुलिंग पक्षी और स्त्रीलिंग में दुर्गा (कृष्णचीटिका) पक्षी ये दोनों यदि दक्षिण अंग से (खुजलाना आदि कोई) चेष्टा करते हों तो शुभप्रद समझना। अर्थात् इन दोनों के वाम चेष्टा कन्यावरण में अशुभ है। तथा जिस समय कन्या ही वर का वरण करे उस समय उक्त दोनों पक्षियों का वाम चेष्टा ही शुभप्रद है ॥ २७ ॥
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