Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
जिसकी शिरायें (शरीर की नाड़ियाँ) अत्यन्त कृश हो वह स्त्री निर्धन होती है, और शिरायें मोटी मोटी हों तो अत्यन्त उग्र स्वभाव वाली होती है। जिसके हसने से कपोल (गाल) में गहिरा हो जाय वह दुराचारिणी होती है। और कछुए के समान उदरवाली स्त्री दुःख की खान और दुष्ट स्वभाव वाली होती है ॥ १८ ॥
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