Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
गुरु और शुक्र उदय से पीछे और अस्त होने से पूर्व ७-७ दिन शुभकार्य के विनाशकारक होते हैं। अर्थात् ७ दिन बाल्य और ७ दिन वृद्ध रहते हैं, उसमें विवाहादि शुभकार्य त्याज्य है। तथा ये (गुरु, शुक्र) यदि निर्बल हों तब भी वर-वधू का विवाह अत्यन्त अशुभप्रद होता है।
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