Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
स्त्रियों के पाणिग्रहण समय में लग्न से ६, ३, ११, ८ इन स्थानों में रवि हो तो अनायास सुख, पुत्र और धनदायक होता है। तथा सप्तम स्थान वा लग्न में रवि हो तो वज्र के समान शुभफल का नाशक होता है। जैसे शनि-राहु और केतु। अर्थात् शनि, राहु और केतु भी इन स्थानों में रवि के समान ही हैं।
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