Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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वैधृति व्यतिपात आदि अशुभ योगों में चन्द्रनक्षत्र से अभिजित् सहित सम संख्यक नक्षत्र में सूर्य हो तो एकार्गल दोष होता है। और सूर्य के नक्षत्र से १४वाँ चन्द्रमा का नक्षत्र भी हो तो अशुभ है। इस प्रकार यह विवाहनक्षत्रशुद्धि कही गई है ॥ ४ ॥
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