Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
लग्न और चन्द्रमा दोनों चर राशि में हों उन पर शुक्र की दृष्टि हो और यायी ग्रह बलवान होकर केन्द्र में हों तो कन्या को दो पति होते हैं । तथा चन्द्रमा समराशि में हो उस पर पापग्रह की दृष्टि हो तो कन्या दूसरे पुरुष की कामना करनेवाली होती है ॥ ६ ॥
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