Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
विवाह लग्न से षष्ठ भाव में चन्द्रमा हों तो कन्या की मृत्यु, बुध हों तो शत्रु से भय, सूर्य हों तो विजय, मंगल हों तो कुशल, शनि हों तो वैर-रहिता, शुक्र हों तो पति से शत्रुता, बृहस्पति हो तो उस स्त्री के पति को अजातशत्रु (जो शत्रु का नाम भी नहीं सुना हो ऐसा) बनाता है ॥ ६॥
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.