Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
विवाह लग्न से द्वितीय भाव में शुक्र, चन्द्रमा, बृहस्पति और बुध ये कन्या को अत्यन्त धनवती बनाते हैं। मंगल रोग, अग्नि और चोरों के भय से पीडित बनाता है। शनि द्वितीय भाव में हो तो अपने पुत्रों के प्रति भी कृपण बुद्धि वाली और मलिन शरीरवाली स्त्री को बनाता है। और सूर्य द्वितीय भाव में हो तो स्वभाव से ही दुर्भगा स्त्री होती है ॥ २॥
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