Vivāha Vṛndāvana
Chapter 9 · Godhuli (The Auspicious Dust-of-Cows Hour) · Verse 5
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

शनिवार में सूर्य सहित, और गुरुवार में सूर्य के अस्त होने पर गोधूलि लग्न ग्राह्य है। वह भी केवल कुलिक और यामदल के न मिलने पर। इसमें प्रायः हीनवर्णों के लिये अशुभ प्रसंग से युक्त क्रूर क्षणों में भी शुभकारक करपीडन होता है — जब पञ्चांग परिशुद्ध हो तो और भी कहना ही क्या है ॥ ५ ॥

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse