HomeLibrarySaravaliCh.7Verse 1
Sārāvalī
Chapter 7 · Planetary Indications · (chapter 7) · Verse 1
Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
Translations
English

Lord of Week-Day etc. The Sun, the Moon, Mars, Mercury, Jupiter, Venus and Saturn rule the week-days etc. Whichever planet becomes the Lord of the first week-day in the month of Aswina in the year of Aswina, will become the Lord of month and year.

Hindi

सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ये दिनादि के स्वामी होते हैँ । आश्विनादि वर्ष व मास से प्रथम वार (सूर्यादि) जो होता है वही वर्षश व मासेश होता है । विशेष--प्र थम वार सूर्य का, द्वितीय चन्द्रमा का; तृतीय भौम का इत्यादि । यहाँ यह शंका होती है कि सूर्य के बाद चन्द्रमा ही क्यों ? गुरु क्यों नहीं ? उत्तर--आकाश में सबसे ऊपर शमि की कक्षा है, तदनन्तर क्रम से गुरु, मंगल, सूर्य शुक्र, बुध, चन्द्रमा की कक्षा है । सूर्य सिद्धान्त में कहा है कि “मन्दादघः क्रमेण स्युश्च-, तुर्था दिवसाधिपा: (१२ अ० ७८ इलो०) । इस युक्ति से शनि से चतुर्थ सूर्य, सूयं से चतुर्थ चन्द्रमा; चन्द्रमा से चतुर्थं भौम इत्यादि सात बार होते हैं। ये ही सात बार वर्षेश, मासेश, वारेश (दिनस्वामी) व होरेश होते हैं। वर्षारम्भ में जो सुर्यादि वार हो वही वर्षेश, मासारम्भ में जो वार हो वह मासेश एवं प्रथम होरारम्भ में भी जो वार हो बही होरेश होता है ।।१।।

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