Justas quartan fever is removed by inhaling Agashya flower, all evils are checked by Mercury and Venus in the 12th of Moon, malefics in the 11th and Jupiter in the 10th.
यदि चन्द्रमा से बारहवें भाग में बुघ या शुक्र हों और ग्यारहवें भाव में पापग्रह हों एवं दशम भाव में गुरु हो तो अरिष्ट का नाश होता है, जैसे मुनि कुसुम (अगस्त्य पुष्प) के रस को सूँघने से कठिन चतुर्थ दिन में आने वाले रोग (उवर) का नाश होता है । यदि लग्न स्वामी से ६, ३, १०, ११, ४, में चन्द्रमा शुभग्रह से दृष्ट हो तो सब अरिष्टों का नाश होता है, जैसे राजा की सेना के पीछे चलनेवाले मनुष्य को कोई कष्ट नहीं होता है। यदि एक ही राशि स्वामी बलवान्, शुभग्रह से दृष्ट हो तो चन्द्रकृत अरिष्ट का नाश करता है, जैसे जंगल में उन्मत्त बाघ हरिणों का नाश करता हूँ
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