The direction of the planet occupying an Angle denotes the direction of entry for the lying- in-chamber. The planet, that is conjunct with the planet denoting house of birth, indicates the direction, in which another house related to delivery is located. The Sun indicates temples, the Moon watery places, Mars fire-houses, Jupiter treasury, Venus parks etc., Saturn filthy corner and Mercury bedroom etc.
जन्म काल में केन्द्र में जो (यहाँ झून शब्द केन्द्र का द्योतक प्रतीत होता है ग्रन्थान्तर से समता के लिये) ग्रह बलवान् हो उस ग्रह की दिशा में सूतिका के घर का दरवाजा समझना चाहिये । तथा घर के देने वाले ग्रह (चित्रं नवं १५ वें श्लोक से) की जिस दिशा में जैसी स्थिति में ग्रह हो उसो प्रकार से अन्य घर समझना चाहिये । यथा रवि से उस दिशा में देवालय, चन्द्रमा से जलाशय, मंगल से अग्नि घर (रसोईघर) गुरु जहाँ हो अर्थात् जिस दिशा में हो वहाँ धन सञ्चय घर, शुक्र हो तो बिहार स्थान (रतिघर), शनि से कतवारखाना, बुध से शयनागार सूतिका के घर से कहना चाहिये । विशेंष--यदि केन्द्र में कोई ग्रह नहीं हो तो सबसे बली ग्रह की दिशा में द्वार कहना नाहिये । तथा अन्य घरों को तत्तद् ग्रहवश कहना चाहिये
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