After examining the nature, place, form, colour, etc., of any particular Rasi, one ought to intelligently guess the effects thereof. Whatever have been declared as the effects arising out of a particular Rasi being the Lagna, the same should also be said to come to pass, if the sign happens to be occupied by the Moon.
जिस राशि का विचार करना हो उस राशि का जो आश्रय, स्वभाव, रूप, वर्ण आदि बताया गया हो उसका पूर्ण विचार रखना चाहिये। राशीश (राशि का स्वामी) पूर्ण बलवान् है या नहीं, कहाँ बैठा है, किसके साथ बैठा है, राशीश पर किस-किस की दृष्टि है, तथा उस राशि में कौन-कौन से ग्रह बैठे हैं तथा कौन-कौन से ग्रह उस राशि को देखते हैं — इन सब का विचार करके युक्तिपूर्वक (अर्थात् उपर्युक्त सभी बातों को मद्देनज़र रखते हुए — किस व्यक्ति की जन्मकुण्डली का विचार कर रहे हैं, इस सम्बन्ध में भी देश-काल-पात्र का विचार करके) फलादेश करना चाहिये। लग्न और चन्द्र-राशि का फल प्रायः एक-सा होता है। उदाहरण के लिये जैसा मेष-लग्न का फल — उससे मिलता-जुलता फल मेष-राशि (मेष में चन्द्रमा हो) का भी कहना चाहिये। इसी कारण ऊपर के बारहों श्लोकों का भावार्थ देते हुए हमने लग्न और राशि दोनों का एक साथ फल दे दिया है।
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