If the 5th house or its lord be posited in a male sign or Amsa or be in conjunction with or aspected by male planets, the children will be all males. The birth will be of daughters if the said house or its lord be in a female Rasi or Amsa, or be associated with or aspected by female planets.
किसी व्यक्ति के कन्या विशेष होंगी या पुत्र विशेष इसका सिद्धान्त इस श्लोक में बताया गया है। यदि पंचम भाव पुरुष राशि, पुरुष अंश में स्थित हो और पंचम में पुरुष-ग्रह बैठे हों या पंचम को पुरुषग्रह देखते हों और पंचमेश भी पुरुष राशि, पुरुष अंश में स्थित हो तथा पुरुष-ग्रहों द्वारा देखा जाता हो या पुरुषग्रहों के साथ हो तो पुत्र होंगे। किन्तु यदि पंचम भाव में स्त्री राशि, स्त्री नवांश हो, पंचम में स्त्री ग्रह बैठे हों या स्त्री ग्रह पंचम को देखते हों और पंचमेश स्त्री-राशि, स्त्री-नवांश में स्थित हो, स्त्री-ग्रहों से युक्त या दृष्ट हो तो कन्यायें होंगी। प्रायः सब बातें किसी कुण्डली में पूर्ण रूप से घटित नहीं होतीं इसलिये मिला-जुला प्रभाव होता है।
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