Find the Rasi, etc., occupied by the lord of the decanate that is rising. When Jupiter transits this position or its Trikona, the native meets with death. When Saturn transits the house owned by the lord of the decanate of the 8th house, or its Trikona, the same event may be predicted.
यह देखिये कि जन्म-लग्न में जो द्रेष्काण है उसका स्वामी कहाँ है। जब बृहस्पति इस द्रेष्काण-पति के ऊपर से गुजरे, या उससे नवम-पंचम गोचरवश जावे, तो जातक को मृत्युभय होता है। यह बृहस्पति के गोचरवश फल बताया गया है। अब इसी श्लोक में शनि के गोचरवश कब मृत्युभय होगा यह बताते हैं — यह देखिये कि अष्टम भाव मध्य पर कौन-सा द्रेष्काण है, और यह द्रेष्काण-पति कहाँ पर है। जब शनि इस द्रेष्काण-पति की राशियों में से गुजरता है, या उससे नवम-पंचम जाता है, तो जातक को मृत्युभय होता है। (मूल श्लोक में शब्द 'रन्ध्रत्रिभागपति मन्दिरगेऽय' आया है — इसके दो अर्थ हो सकते हैं — अष्टम भाव में जो द्रेष्काण है उसका स्वामी जिस राशि में है उसमें से जब शनि गुजरे, तो मृत्यु; या जब उससे नवम-पंचम जावे तो जातक को मृत्युभय हो सकता है।)
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