HomeLibraryPhaladeepikaCh.15Verse 17
Phaladeepika
Chapter 15 · bhāvacintā · भावचिन्ता · Verse 17
Sanskrit · DevanāgarīPhaladeepika manuscript tradition
द्युमणिरमन्त्री भूसुतः सौमसौम्यौ
गुरुरिनतनयारौ भार्गवो भानुपुत्रः ।
दिनकरद्विजेजौ जीवभानुज्ञमन्दाः
सुरगुरुरिनसूनुः कारकाः स्युविलग्नात्
IAST Transliteration
dyumaṇiramantrī bhūsutaḥ saumasaumyau gururinatanayārau bhārgavo bhānuputraḥ | dinakaradvijejau jīvabhānujñamandāḥ suragururinasūnuḥ kārakāḥ syuvilagnāt
TranslationsTwo-source verified
English

The Karakas of the Bhavas beginning with the Lagna or the rising sign are (1) the Sun (2) Jupiter (3) Mars (4) the Moon and Mercury (5) Jupiter (6) Saturn and Mars (7) Venus (8) Saturn (9) the Sun and Jupiter (10) Jupiter, the Sun, Mercury and Saturn (11) Jupiter and (12) Saturn.

Hindi

जब किसी बात का विचार किया जाता है तो प्रायः ज्योतिषी भाव और भावेश को देखते हैं। परन्तु जितनी मुख्यता भाव और भावेश की है उतनी ही कारक ग्रह की भी है। उदाहरण के लिये किसी का सप्तम और सप्तमेश तो बिगड़ा है किन्तु शुक्र बड़ा बलवान् है तो शुक्र के कारण स्त्री-सुख प्राप्त होगा। अथवा मान लीजिये कि सप्तम और सप्तमेश तो अच्छे हैं और शुक्र बिगड़ा है तो शुक्र के बिगड़ने के कारण उतना स्त्री-सुख नहीं होगा जितना होना चाहिये। किन वस्तुओं का कौन सा ग्रह कारक होता है यह पिछले श्लोकों में बताया गया है। अब उसी बात को भावों के दृष्टिकोण से बताते हैं कि किस भाव का कौन सा ग्रह या कौन से ग्रह कारक होते हैं। जन्म कुण्डली में बारह भाव होते हैं। बारहों भावों के क्रमशः निम्नलिखित कारक हैं — (१) सूर्य (२) बृहस्पति (३) मंगल (४) चन्द्र और बुध (५) बृहस्पति (६) मंगल और शनि (७) शुक्र (८) शनि (९) बृहस्पति और सूर्य (१०) सूर्य, बुध, बृहस्पति और शनि (११) बृहस्पति और (१२) शनि।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse