Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
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Hindi
अन्वयः--अथ सूर्य, सित:, भूमिसुत:, राहु, शनि:, शशी:, ज्ञ: च बृहस्पति:, दिक्षु, विदिक्षु अपि च प्राच्यादित: दिशां प्रदिष्टा: ॥| ४६ ।। सूर्य, शुक्र, मंगल, राहु, शनेश्चर, चन्द्रमा, बुध और बृहस्पति ये आठ ग्रह क्रम से पूर्वांदि दिशाओं के तथा कोणों के स्वामी कहे गये हैं ।। ४९ ॥। दिगीश कहने का प्रयोजन केन्द्रे दिगधीशें गच्छेदवनीश:ः । लालाटिनि तस्मिन्नेयादरिसेनाम् ॥ ५० ।॥
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