Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 7 · · Verse 1
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

विवाह के दिन से सोलह दिन के भीतर सम अर्थात्‌ दूसरे, चोथे, छठे, आठवें, दशवें, बारहवें, चौदहवें तथा सातवें, पाँचवें, नवें दिन में औरसोलह ढ़ वधूप्रवेशप्रकरण १५९ दिनों के बाद पहिले, : तीसरे, पाँचवें वर्ष में, और पहिले, तीसरे, पाँचवें, सातवें, नवें, गेरहवें मास में और पाँच वर्ष के ऊपर अपनी इच्छा के अनुसार सम-विषम वर्ष मास दिन का विचार न करके अथवा हो सके तो करके भी गोचर में वर की जन्मशश्िि से सूर्य, चन्द्रमा, बृहस्पति के बली रहते, दुष्ट भद्रा आदि दोषरहित काल में किया हुआ वधुप्रवेश शुभ होता है।। १॥

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse