Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 1 · · Verse 13
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

स्वातीचित्रे त्रयोदश्यां सप्तम्यां हस्तराक्षसे । नवम्यां कृत्तिका5ष्टम्यां पुृभा षष्ठयां चरोहिणी ॥ १३४ अन्वयः--त्रयोदश्यां स्वातीचित्ने (निन्‍्ये ), सप्तम्यां हस्तराक्षसे (निन्‍्ये), नवम्यां कृत्तिका (निनन्‍्या), अष्टम्यां पूभा (निन्‍्या ), षष्ठ्यां रोहिणी (निन्‍्या) ॥ ११-१३ ॥। त्रयोदशी में स्वाती और चित्रा, सप्तमी में हस्त और मूल, नवमी में क्ृत्तिका, अष्टमी में पूवभाद्रपद और छ्ठि में रोहिणी निद्य हैं। इन तिथियों में ये नक्षत्र हों तो शुभ काय्य न करे ॥| ११-१३ ॥।

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