There will be acquisition of a kingdom (high position in government), enthusiasm, beneficence of the king (government), being in the family, increase in the number of wives, children and wealth, etc., if Venus be associated with or aspected by a benefic and be in a friendly Navamsa, in the 3rd, the 6th or the 11th from the Ascendant.
षष्ठाष्टमव्यये शुक्रे पापयुक्तेऽथवीक्षिते । चौरादि व्रणभीतिश्च सर्वत्रजनपीडनम् ।।8।। राजद्वारे जनद्वेषः इष्टबन्धुविनाशनम् । दारपुत्रादि पीडा च जायते द्विजसत्तम ।।9।। दितीयद्यूननाथे तु स्थिते चेन्मरणं भवेत् । तत्र दुर्गजपं कुर्याद्धेनुदानं च कारयेत् ।।10।। यदि शुक्र 6.8.12 में हो या पापयुक्त या दृष्ट हो तो चोर, ठग आदि से भय, घाव का भय, सर्वत्र पीडा या कष्ट, राजस्थान पर लोगों से द्वेष, इष्ट लोगों का वियोग, स्त्री-पुत्रादि को पीडा होती है। यदि शुक्र 2-7 भावेश हो तो मृत्यु होती है। इसके निवारणार्थं दुर्गापाठ एवं गोदान कराना चाहिए ।
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