There will be fear of death, if Venus be the lord of the 2nd or the 7th from the Ascendant. Remedial measures to obtain relief from the above evil effects are, Durga Patha and giving a cow in charity.
सूर्यन्तर्दशा फल :- शुक्रस्यान्तर्गति सूर्ये सन्तापो राजविग्रहः । दायादकलहश्चैव स्वोच्चनीचविवर्जिति ।।11।। स्वोच्चे स्वक्षेत्रगे सूर्ये मित्रर्षे केन्द्रकोणगे । दायेशात्केन्द्रकोणे वा लाभे वा धनगेऽपि वा ।।12।। तदभुक्तौ धनलाभः स्याद् राज्यस्त्रीधनसम्पदः । स्वप्रभोश्च महत्सौख्यमिष्टबन्धोः समागमः ।।13।। पितृमात्रोः सुखप्राप्तिः भ्रातृलाभं सुखावहम् । सत्कीर्तिं सुखसौभाग्यं पुत्रलाभं च विन्दति ।।14।। शुक्र दशा में सूर्यान्तर्दशा आने पर यदि सूर्य उच्च या नीच में न हो तो मानसिक क्षोभ, राजकीय पुरुषों से विरोध, दायाद (सम्पत्ति आदि उत्तराधिकार में बंटवारेदार) से कलह होती है । यदि सूर्य उच्च, स्वक्षेत्र, मित्र राशि में, केन्द्र त्रिकोण में या दशेश से केन्द्र त्रिकोण में या दशेश या लग्न से 2.11 भाव में हो तो धन लाम, राज्य लाम, स्त्री प्राप्ति, धन सम्पत्ति की वृदिध, अधिकारी आदि की अनुकूलता, इष्टमित्र से समागम, माता-पिता का सुख, भाई से लाम या भाई की प्राप्ति, सत्यकीर्ति, सुख, सौभाग्य, पुत्रलाम आदि अच्छे फल होते हैं।
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.