The Sage said — I will now describe the method of determining longevity from the Ashtakavarga. For this purpose the Ashtakavargas of the Ascendant and all the planets have to be studied. The rekhas in all the rasis have been allotted specific spans of life. The rasi which has no rekhas has been allotted 2 days, that with one rekha gets 1½ days, one day for rasi with 2 rekhas, half day for rasi with 3 rekhas, 1½ days for rasi with 4 rekhas, 2 years for rasi with 5 rekhas, 4 years for 6 rekhas, 6 years for 7 rekhas and 8 years for 8 rekhas. In this manner the spans of life should be worked out from rekhas in all the Ashtakavargas. Half of the sum total of all will be the longevity based on Ashtakavarga.
एवं यदागतायुः स्यात् सर्वखेटसमुद्भवम् । तदर्धं स्फुटमायुः स्यादष्टवर्गसमुद्भवम् । । 4 । । इस पद्धति से अष्टक वर्गों में सभी राशियों की आयु जानकर जोड़ लें । समस्त योगफल का आधा स्पष्टायु (अष्टवर्गायु) होती है । हमारे पूर्वोक्त उदाहरण में आयुःसाधन की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर रहे हैं । सूर्याष्टक वर्ग में मेष में रेखा योग 4, अतः आयु 7.5 दिन । वृष, कर्क में भी 4-4 रेखाओं से 7.5+7.5 = 15 दिन । तुला, मकर, कुम्भ में 3-3 रेखाओं से आधा-आधा दिन तो कुल 1.5 दिन । मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु में 5-5 रेखाओं से 2×5 = 10 वर्ष । मीन में रेखा योग 2 तो आयु 1 दिन । सबका योग 10 वर्ष 25 दिन सूर्याष्टक वर्गायु है । इसका आधा 5 वर्ष 12 दिन 12 घंटे स्पष्टायु (सूर्याष्टक) रही । चन्द्राष्टक वर्ग : मेष, सिंह, मीन में 6 रेखा = 4×3 = 12 वर्ष । वृश्चिक में 5 रेखा = 2 वर्ष । वृष, मिथुन, कर्क, धनु में 4-4 रेखा = 7.5×4 = 30 दिन । कन्या, तुला, मकर में 3 रेखा = 0.5 दिन×3 = 1.5 दिन । कुम्भ में 1 रेखा = 1.5 दिन का आधा दिन । कुल आयु 14 वर्ष 32 दिन व स्पष्टायु 7 वर्ष 16 दिन है । मंगलाष्टक वर्ग में वृष 6 रेखा = 4 वर्ष । मिथुन, वृश्चिक 5 रेखा = 2+2=4 वर्ष । कर्क, कन्या 4 रेखा = 7.5 दिन×2 = 15 दिन । सिंह, धनु 3 रेखा = 12 घंटे×2 या 1 दिन । मेष, मकर, कुम्भ, मीन 2 रेखा = 1 दिन×4 = 4 दिन । तुला 1 रेखा = आधा दिन । कुल 8 वर्ष 20 दिन 12 घंटे व स्पष्टायु 4 वर्ष 10 माह 6 दिन रही । बुधाष्टक में वृष, मिथुन, कन्या, धनु 6 रेखा = 4×4 = 16 वर्ष । कर्क, वृश्चिक 5 रेखा से 2 वर्ष×2 = 4 वर्ष । कुम्भ, मीन 4 रेखा = 7.5×2 = 15 दिन । मेष, सिंह, तुला, मकर 3 रेखा = आधा दिन+4 = 2 दिन । कुल योग 20 वर्ष 17 दिन व स्पष्टायु 10 वर्ष 8 दिन 12 घंटे है । इसी विधि से सबकी स्पष्टायु जानी गई है । उदाहरण में व्यक्ति की अष्टकवर्गोत्पन्नायु इस प्रकार है — ग्रह | वर्ष | मास | दिन | घंटे सूर्य | 05 | 0 | 12 | 12 चन्द्र | 7 | 0 | 16 | 0 मंगल | 8 | 0 | 20 | 12 बुध | 10 | 0 | 8 | 12 गुरु | 2 | 0 | 26 | 0 शुक्र | 0 | 0 | 23 | 0 शनि | 2 | 0 | 20 | 0 लग्न | 8 | 0 | 1 | 18 योगपिण्डों से भी आयुःसाधन किया जाता है । एक ही व्यक्ति के लिए इस प्रकार से आयु निकालने पर अलग-अलग मान आता है । इसी में यदि योगपिण्ड से अष्टकवर्गायु निकाले तो 71 वर्ष 11 मास लगभग स्पष्टायु आएगी । वास्तव में आयु का गणितीय साधन आज भी विचार व शोध की अपेक्षा रखता है । जैमिनीय मत से आयु लगभग 60 वर्ष आती है ।
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.