One born in Kuta yoga is a liar. He heads a jail, is poor, crafty, and cruel, and lives in hills and forts.
नौका योग में मनुष्य जल से जीविका चलाने वाले, अधिक खाने वाले, प्रसिद्ध, प्रसन्न अर्थात् मस्त रहने वाले, कंजूस, मैले, लोभी, कुछ दुष्ट होते हैं। कूट योग में झूठे, पकड़ने या छापा मारने के अधिकारी (बन्धन करने में समर्थ), धनहीन, शठ अर्थात् धूर्त, क्रूर स्वभाव वाले, प्रायः पर्वतीय प्रदेशों या किले आदि में रहने वाले होते हैं। छत्र योग में अपने लोगों को सहारा देने वाले, दयालु, अनेक राजाओं के प्रिय, उत्तम बुद्धि वाले, आयु के पहले व अन्तिम भाग में सुखी, दीर्घायु होते हैं। चाप या धनुर्योग में झूठ बोलने से जीविका कमाने वाले, कोतवाल या चोर, धूर्त, धोखेबाज, जंगली प्रदेशों में रहने वाले, प्रायः भाग्यहीन लेकिन मध्यावस्था में सुखी होते हैं।
Kuta yoga effect: liar, jail-head, poor, crafty, cruel, lives in hills and forts.
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