There will be good health, happiness from son, opulence and glory, availability of good food and clothes and abnormal profits in business, if Mercury be in a kendra, trikona or the 11th from the lord of the Dasa (Ketu).
दायेशात्षष्ठरन्ध्रे वा व्यये वा बलवर्जिति । तदभुक्त्यादौ महाक्लेशो दारपुत्रादिपीडनम् ।।76।। राजभीतिकरश्चैव मध्ये तीर्थकरो भवेत् । दितीयद्यूननाथे तु ह्यपमृत्युर्भविष्यति ।।77।। तद्दोषपरिहारार्थ विष्णुसाहस्रकं जपेत् । ततः सुखमवाप्नोति श्रीहरेश्च प्रसादतः ।।78।। यदि महादशेश से अन्तर्दशेश बुध 6.8.12 में हो या निर्बल हो तो उसकी अन्तर्दशा के प्रारम्म में बहुत कष्ट व स्त्री पुत्र को कष्ट या उनकी ओर से कष्ट होता है । राजा से भय, मध्य में तीर्थकरत्व अर्थात् बड़ा धार्मिक कार्य या बड़ा शास्त्रकार होता है । यदि बुध 2.7 भावेश हो तो अपमृत्यु होती है। इस दोष को दूर करने के लिए विष्णुसहस्रनाम का जप करना चाहिए । तब श्री हरि विष्णु जी की प्रसन्नता से सब सुख होता है ।
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