Obstacles in availability of food, fears, loss of wealth and cattle, will be the results if the Sun be associated with evil planets in the 8th or the 12th from the lord of the Dasa (Ketu). There will be distress at the commencement of the Antardasa with some mitigation of its end. There will be fear of premature death if the Sun be the lord of the 2nd or the 7th.
चन्द्रमा की अन्तर्दशा :- केतोरन्तर्गते चन्द्रे स्वोच्चे स्वक्षेत्रगेऽपि वा । केन्द्रत्रिकोणलाभे वा धने शुभसमन्विते ।।24।। राजप्रीतिर्महोत्साहः कल्याणं च महत्सुखम् । महाराजप्रसादेन गृहभूम्यादि लाभकृत् ।।25।। भोजनाम्बरपश्वादि व्यवसायेऽधिकं फलम् । अश्ववाहनलाभश्च वस्त्राभरणभूषणम् ।।26।। देवालयतडागादि पुण्यधर्मादि संग्रहम् । पुत्रदारादि सौख्यं च पूर्णं चन्द्रः प्रयच्छति ।।27।। केतु में चन्द्रमा की अन्तर्दशा हो तथा चन्द्रमा पूर्ण हो, स्वक्षेत्र, उच्चगत, केन्द्रगत, त्रिकोणगत, लामगत, धनमावगत, शुम ग्रह से युक्त हो तो राजा से सम्बन्ध, मन में बहुत उत्साह, कल्याण, बहुत सुख, बड़े लोगों की सहायता से घर व भूमि आदि का लाम, खान-पान के साधनों व भोग सामग्री की अधिकता, व्यवसाय में खूब लाम, देवालय या तडागादि का निर्माण, अनेक पुण्य कार्यों का साधन, स्त्री-पुत्रादि का सुख होता है ।
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