There will be physical fitness, gain of wealth, birth of a son, success in performance of pious deeds, headship of a small village etc., if the Sun be in kendra, trikona, the 2nd or the 11th from the lord of the Dasa (Ketu).
दायेशात्षण्ठरिःफे वा स्थिते वा पापसंयुते । अन्नविघ्नो मनोभीतिर्धनधान्यपशुक्षयः ।।21।। आदौ मध्ये महाक्लेशानन्ते सौख्यं विनिर्दिशेत् । दितीयसप्तमाधीशे ह्यपमृत्युर्भविष्यति ।।22।। तस्य शान्तिं प्रकुर्वीत स्वण्धिनुं प्रदापयेत् । भास्करस्य प्रसादेन ततः सौख्यमवाप्नुयात् ।।23।। यदि दशेश से 8.12 में सूर्य हो या पापयुक्त हो तो घर में अनाज की कमी, मन में भय, धन-धान्य की हानि, पशुक्षय, प्रारम्म व मध्य में महान् क्लेश तथा अन्त में कुछ सुख मिलता है । यदि सूर्य 2.7 भावेश हो तो अपमृत्यु होती है । इसकी शान्ति के लिए स्वर्णनिर्मित गाय की प्रतिमा अथवा सुवर्णयुक्त गाय का दान करना चाहिए । तब सूर्य देव की कृपा से सब सुख प्राप्त होता है ।
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