Sound health, well being in the family, gains of good food and conveyances etc., will be the results, if Venus be in kendra, trikona, the 3rd or the 11th from the lord of the Dasa (Ketu).
दायेशाद् रिपुरन्धरस्थे व्यये वा पापसंयुते ।।11।। अकस्मात्कलहं चैव पशुधान्यादिपीडनम् । नीचस्थखेट संयुक्ते लग्नात्षष्ठाष्टराशिगे ।।12।। स्वबन्धुजनवैषम्यं शिरोक्षिव्रणपीडनम् । हृद्रोगं मानहानिश्च धनधान्यपशुक्षयम् ।।13।। कलत्रपुत्रपीडा च मारकेशे मनोरुजम् । देहपीडा ततो दुगदिवीजपं समाचरेत् । श्वेतां गां महिषीं दद्यादायुरारोग्यवृदधये ।।14।। यदि दशेश से 6.8.12 में शुक्र हो या पापयुक्त शुक्र हो तो अचानक कलहागम, पशु व धान्यादि में कमी होती है । यदि शुक्र के साथ कोई नीचगत ग्रह हो, लग्न से 6.8 राशि में शुक्र हो तो अपने लोगों से मनमुटाव, सिर व ओंखों में पीडा, हृदय रोग, मानहानि, धनधान्य व पशुओं की हानि, स्त्री-पुत्रादि को पीडा होती है । यदि शुक्र 2.7 भावेश हो तो मनोविकार, शरीर कष्ट होता है। शान्ति के लिए दुर्गा देवी का पाठ, सफेद गाय या दुधारू भैंस का दान करना चाहिए, तब आयु व आरोग्य की सुरक्षा होती है ।
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