I now detail below Ātmakāraka etc. obtainable from among the 7 planets viz. the Sun to Saturn. Some say that Rāhu will become a kāraka when there is a state of similarity in terms of longitude between (two) planets. Yet some say that the 8 planets including Rāhu will have to be considered irrespective of such a state.
चर-कारक-विचार: अब मैं आत्मकारकादि सात चर कारकों को कहता हूँ। सूर्य से शनि पर्यन्त या सूर्य से राहु पर्यन्त सात या आठ ग्रहों के अंशों को देखें। यदि ग्रहों के अंशादि समान हों तो राहु तक गणना करें। यद्यपि सात ही कारक हैं, लेकिन कुछ लोग आठ कारक कहते हैं। आत्मकारक, अमात्यकारक, भ्रातृकारक, मातृकारक, पुत्रकारक, ज्ञातिकारक व स्त्रीकारक — ये सात कारक होते हैं; यह प्रधान व बहुप्रचलित पक्ष है। जैमिनि-सूत्रों में भी दोनों विकल्प रखे हैं, लेकिन सप्त-कारक वाले पक्ष को ही मुख्य माना है। आठ-कारक वाले मत में पितृकारक अधिक माना जाता है।
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.