The Daśā of a rāśi will be favourable if it is occupied by its own lord or an exalted planet. The Daśā of a rāśi not occupied by any planet will be adverse.
उच्चस्वरक्षग्रहे तस्मिंश्च्छुभं सौख्यं धनागमः । तच्छून्यं चेदसौख्यं स्यात्तददशा न फलप्रदा । 1.4.7.10 राशियों के क्रमशः 11.2.5.8 राशियाँ बाधा स्थान रहती हैँ, अर्थात् समी चर राशियों से ग्यारहवीं राशि बाधा स्थान होती है । दशा राशि के स्वामी ग्रह के साथ या बाधा स्थानों मेँ पाप ग्रह रहने पर उस राशि की दशा में बहुत विपत्ति, महान शोक व बन्धनादि फल होते हैँ । जिस राशि में उसका स्वामी स्थिति हो या उसी राशि में कोई ग्रह उच्चस्थ हो तो वह दशा धन, सुख एवं शुभ फल देने वाली होती है । यदि उक्त राशियों मं अथवा दशा राशि से पूर्वोक्त भावों में कोई भी ग्रह न हो तो प्रायः फल नहीं होता ।
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