HomeLibrarySaravaliCh.33Verse 81
Sārāvalī
Chapter 33 · Tenth House And Effects Thereof · कम चिन्ताध्यायस्त्रयस्त्रिशः ।। चतुस्विशो · Verse 81
Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
लग्न व चन्द्रमा से दशमस्थ सूर्यादि ग्रहों का फल
दिवसकराद्येः खस्थे: शहिहोराभ्यां भवन्त्याब्या: ।
पितुमातृशत्रु हितजनसहजस्त्री भृत्यवर्गे भ्यः
होरागतैर्घनगतैरायगृहस्थैश्च चिन्तयेद्थस्‌ ।
बरसंयुतैग्ंहेन्रे रनेकधा *दृष्टमाचार्ये:
Translations
English

PLANETS IN THE 10* AND THEIR EFFECTS. The Sun in the 10th indicates income through father, the Moon mother, Mars enemies, Mercury friends, Jupiter brothers, Venus females and Saturn servants.

Hindi

यदि कुण्डली में लग्न वा चन्द्रमा से दशम में सूर्यं हो तो जातक--पिता सें, चंद्रमा हो तो माता से, मङ्गल हो तो शत्रु से, बुघ हो तो मित्र से, गुरु हो तो भाई से, शुक्र हो तो स्त्री से, शनि हो तो नोकर से धन प्राप्त करता हैं। लग्न में स्थित ग्रह से, व लाभ में स्थित ग्रह से धन, यदि उक्त स्थानों में अधिक ग्रह हों तो बलवान्‌ ग्रह से घन का बिचार करना चाहिए । इस प्रक्रार आचायाँ ने अनेक प्रकार से धनागम का विचार किया हैं

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