HomeLibrarySaravaliCh.32Verse 74
Sārāvalī
Chapter 32 · Ninth House And Effects Thereof · भाग्यचिन्ता नाम टात्रिशोऽऽ्यायः ॥ त्रयरित्रशो · Verse 74
Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
Translations
English

If the Moon, Jupiter and Venus be in the 9th, one will be equal to a king and be a king.

Hindi

यदि जन्म के समय लग्न में बुध-शनि हों तो जातक-दूषित देहधारी, पापी, विद्या- धन-सवारी से रहित, अल्पायु व हीन भाग्य वाला होता हैं । यदि चतुर्थ भाव में बुध शनि हों तो जातक--पेय-अन्न-बन्तु से हीन, अपने मनुष्यों में असम्मान प्राप्त कर्ता, मूर्ख, मित्रों से रहित व पापी होता हु यदि सप्तम भाव में बुध शनि हों तो जातक--ईश्वर का सेवक, मूर्खं, परोपकारी, दुर्जन अधिक दूषित तथा असत्यभाषी होता है ! यदि दशम भाव में बुध शनि हों तो जातक--समस्त शत्रुओं को शान्त करने वाला, अपने मनुष्य-मित्र-सवारी-धन से समृद्ध तथा ब्राह्मण-गुरु-देवता की पूँजा करने वाला होता है

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse