Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
दशारम्भ काल में चन्द्रमा पर ग्रहों की दृष्टि का फल
बन्ध्वर्थक्षयरोगा: कुजसोराभ्यां बुधेन पाण्डित्यप् ।
दृष्टे तद्योनिसमैः शेषेशचन्द्रे दशाफलेर्योगः
Translations
English
PINDAYU. In this system the planets from the Sun onwards through Saturn contribute, respectively, 19, 25,
Hindi
जिस ग्रह की पिण्डायु साधन करनी हो उस स्पष्ट ग्रह में अपने ही उच्च राश्यंश को घटाकर देखना चाहिए कि शेष ६ राशि से अल्प तो नहीं है, यदि शेष ६ राशि से अल्प हो तो शेष को १२ राशि में से घटाकर अपने उच्च पठित पिण्डमान से गुणा करके विकला से राशि पर्यन्त सवर्णन करके जो हो वही वर्षादि उस ग्रह की पिण्डायु होती हे
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