HomeLibrarySaravaliCh.13Verse 3
Sārāvalī
Chapter 13 · Lunar Yogas · (chapter 13) · Verse 3
Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
प्रस्तार विधि से सुनफादि योग भेद संख्या ज्ञान
सुनफानफासरूपा स्त्रिशद्योगा (३०) स्त्रिसंगुणा षष्टिः (१८०) ।
संख्या दौरुधराणां प्रस्तारविधो समाख्याताः
Translations
English

DIFFERENT PERMUTATIONS. By all possible permutations and transmutations, one can see 30 kinds of Sunapha Yoga, 30 kinds of Anapha Yoga and 180 kinds of Durudhura Yoga.

Hindi

प्रस्तार विधि से सुनफा योग के ३१ भेद, व अनफा के ३१ भेद होते हैं। एवं दुरु- घरा योग के ६० % ३ = १८० भेद होते हैं । ं० १६ ठा० गु० ७ | म० ० १७ | गु० झा ८ मं० १८ | शर? गु० ९ गु० १९ शु० शु० १० बु० २० | श० श० एक ग्रह दूसरे में,. दो ग्रह बारहवें में, दो ग्रह दूसरे में, एक ग्रह बारहवे में ~ होते से ६० भेद नीचे दिये हैं-- भेद | से | से अङ्कु द्वितीय में | द्वादश में १| म. |बु.गु.,| ति गुल | बः ४0 मं शुः | ५॥ छ, बु. श ६ | म. शा. बु. ७| मं. गु. शु, ८| मं. शु. | गु. ९| मं गु. श १० | मं. श गु. ११| म. शु. श १२ | मं. श. | शु. १३ | बु | मः गुः १४ मं. बु. | गु. १५ | बु. मं. शु. १६ | बु. शु. | स. १७ | बु. | मं. श. १८ | बु. श. | मे. १९ | बु. ' गु. शु. ७" | २० बुशु ए.__2-_-पफेपरर्साशशार्शिकिसर्शिशिशण ब. श:” ग्‌. जननी | र ~ भद चन्द्रमा से चन्द्रमा से भेद चन्द्रमा से चन्द्रमा से | अङ्कु द्वितीय में | द्वादश में | अङ्क | द्वितीय में | द्वादश में २९ || ए गु. श. | ४१ | शु. मं. श. स + ए या गा ४१ | शु. श. | म. २३ | बुः सुरा, क्टरी) कशुः बु. गु. २४ | बु. श. | शु. | ४४| गु. शु. | बु. ९ गा मं.बु. | ४६| शु बु. श ६ | बु. गु. | म ४६ | शु. श बु. २७ | गु. मं. शु. | ४७ | शु गु. श २८ | गु. शुः | मं. [४८ शु.श. | गु. २९ | गु. मं. श. | ४९ | शा. मं. बु ३० | गु. शः म ५० | बु. रा म ३ गु. बु. शु. | ९१ | दा मं. गु. ३२ | गु. शु. | बु. ५२ | गु, श. | मं. ३३ | गु. बु. श. | ९३ | श. म, शु. ३४ | गु. श. | बु. | ५४ | शु. श, | मं. गा शु. श. | ५५ | श. बु. गु. ३६ | गु. श. | शु. ५६ | गु. श, बु. ३७ | तझु: सिम; नु: ५ प्य. | बकरा: ३८ | वु. शु. | म. ८ | शु, श, | बु. ३ ग सा १९७) टा च गराः ४० |गुशु | मं. (६० शु श. | गु. ््यपटडाणसन्ााचय एक ग्रह द्वितीय भाव में, ३ ग्रह द्वादश में, ३ ग्रह द्वितीय में, १ ग्रह द्वादश में होने पर ४० भेद नीचे दिये गये है-- | 5 द्वितीय में द्वादश में |... | द्वितीय में द्वादश में |... द्वितीय में द्वादश में १| म. [|ु.गु.शु न बु. णु गा २९| शु. [मं.गु. शु र बु. गु. | म. १६ गु. शु.श. बु. ३० ।मं. गु. या शु. ३| मं. दि गा वा १७| गु. म बु, श. २१ | शु. |वबु.गु. ता ४ बु.गु.श. म. १८ |मं. बु. शु | गु. ररे बुःगगु। श 4 | म एरा ९७ ग. सव ३ श. ।मंबुगु ६ |बु, शु, श.| मं २० |मं. बु. श.| गु. ३४ मं. बु. गु. श॑ ७| मं. श्या. २१ | गु. |स. शु.श.| ३५| श. मं. बु, शु ८ |गु. शु. श.| म २ में. शु. श.| गृ. ३६ |मं. बु. शु| श ९) बुः भि. गृ. शु|२३| गु. [वुः शु. श.| ३७ | श. मि. गु. शु. १० में. गु. शु.| बृ २४ |वु. शु. शा. गु. ३८ पं. गु शु) शा. ११ | बु. |मं. गु. श.| २५ | शु. मं.'बु- गु. ३९ | श. [बु गु. शु., १२ में. गु. श.| बु. ३६ |मं. ब. गु.| शु. | ४० |. गु. शु] शः १३ | बु. पश २७ | शुः भै. बु, दा, जिळ क १४ श्‌. श. ( ही २८ बु. श. शा. एक प्रह २ य में, ४ ग्रह १२ रा० में, चार ग्रह रय में, श्ग्र० १२ रा० में होने पर दुरुधरा योग के निम्न १० भेद होते हैं । [ से | चन्द्रमा से | भेद | चन्द्रमा हे ऱ्य चन्द्रमा से १२ रा. रयम | १२रामें|अङ्कु में 0११ बु. गु. शु | ६ . ब्‌. शु, श, गृ. दो ग्रह २ य में, २ ग्रह १२ रा० में होने पर ३० भेद निम्न होते हैं । द [जगाथ कलमाचे मद | जलमा से न्या मद | सनलास नला ज से| चन्द्रमा | भेद | चन्द्रमा से, चन्द्रमा से| भेद | चन्द्रमा से| चन्द्रमा से अंक | २ यमें | १२ रा.में| अंक | २यमें | १२ रा.मे| अंक | २ य में | १२ रा. में बु. | गु. शु. | ११ |मं. गु. | शु. श. | २१|मं. शः वु. जाः राग शु. | म. बु. र र श. | मः "ग, | २२ | बः शः | मः दाः ३ |मं. बु. गु. श. | १३ मं. शु. वु. गु. | २३ में. श. | गु. श. ४ गु. श. मं. बु. | १४ वु. गु. | मं. शु. | २४ ग. श. मं. श. ५॥मं. बु. | शुः श. | १५ मं, श. | बु. श. | २५ | व. ग. | श. श. ६ गु. श. |मं. बु. | १६ वु. श. | मं. शु. | २६ |स. श. | बु. गु. ७ | मं. गु. | बु. श. | १७ | सं. बु. गु. श. | २७ बु. गु. |गृ. शृ. ८ |बु. शु. | मं. गु. | १८ |गु. श. |मं. बु. | २८ |गु. श. | बृ. श. ९ मं. गु. | बु. श. | १९ बु. गृ. | मं. श. | २९ गु. शु. | बु. श. १० | बु. श. |मं. गु. | २० । मं. श. व. गु. | ३० वु. श. ग. शु २यमें २ ग्रह, १२ रा. में तीन ग्रह, २ य में ३ ग्रह, १२ रा. में २ ग्रह होने पर २० भेद निम्न होते हैं । है ब 0 अंक १ मं. बु. | गु. शु. शा. | ११ बु. शु. मं. गु. शा २ गु. शु. दा. र. बु. शु. ३ मं. गुः | बु. शु. दा. | १३ | वः रा | अराय रा ४ बु. शु. श. . शू बु. श ५ मं. शु. | बु. गु. शा. | १५ ( द बु. गु. श. मं." शु र मनु शा गु. शु ७ मं. शा. | बु. गु. शु. १७ गु. शा मं. वु. शु. बु. गु. शु. म. श १८ | सं शा गु. श ९ बु. गु.|मं गर्द १९ शु. रा. मत बु. गु, _१०_| म॑ पशु. श. | वुः गु | २0/07 पा ७ जो ला इस प्रकार दुरुधरा के भेदों का योग २०+ ६०+ ४० + १०+ ३० + २० = १८० होता है । यही ग्रन्थकार का अभिप्राय है

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