Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
मिथुन लग्न में उत्पन्न के स्वाभावादि का ज्ञान
मिथुनविलग्ने जातः प्रियदारो भूषणप्रदानरतिः ।
“वूञ्यवचः सुवचंस्वी द्विमातुको रिपुविनीतः स्यात्
गान्धवशिल्पकुशल: श्रुतिशास्त्राथंप्रहा"स्यका व्यमति: ।
सौम्योऽथ मण्डनरुचिमदवशयः स्यात्सतां सत्यः
असहिष्णुरनिष्टसुत: शठोऽल्पबन्धुश्च संस्थितो भवति ।
हीनाधिकाङ्गपादो विनीतवृत्ताक्षिपक्ष्ा च
ज्ण्डाकारो वश्यो दारुणरिपुपक्षसंहरणशीलः ।
भ्रत्तकाञचनोमि कजलार्थभागी भवेत्पुरुष:
Translations
English
DEATH BY HIT OF WOOD. If the Sun is in the 4h, while the Moon devoid of strength is in the 10th along with Mars, or in aspect to Saturn, the native will be hit by a log.
Hindi
यदि जन्म के समय में चतुर्थ भाव में सूर्य हो व दशम भाव में भौम, क्षीण चन्द्रमा से युत एवं शनि से दृष्ट हो तो जातक का काष्ठ के कारण आघात से मरण होता है, सन्देह नहीं हे
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