When Mars transits the 7th house, there will arise misunderstanding with one's own wife, eye-disease, stomach-ache and the like. In the 8th house, the native will suffer from fever; his body will become soiled by blood. He will have lost his wealth and honour. In his transit through the 9th house, Mars will bring about humiliation through loss of wealth, etc. The native's gait will become retarded due to bodily weakness and wastage in the several constituent elements of the body.
अब मंगल का गोचर-फल बताते हैं। जन्मकालीन चन्द्र-राशि से गिनने पर जिस राशि में गोचर से मंगल हो उसके अनुसार निम्नलिखित फल होते हैं। (१) अन्तःशोक — मन का भीतर ही भीतर किसी कारण से शोकाकुल या चिन्तायुक्त होना, अपने कुटुम्बियों से वियोग, रक्त-सम्बन्धी रोग या पित्त-जनित पीड़ा, ज्वर या अन्य उष्णता पैदा करने वाले रोग। (२) भय, धन-हानि, वाक्-पारुष्य (कठोर वाणी, झगड़ा)। (३) जय, सफलता, धन-प्राप्ति, आनन्द। (४) स्थान-भ्रंशता (जगह या नौकरी छूट जाय), रोग, पेट की बीमारी तथा बन्धुओं के कारण दुःख। (५) ज्वर, बिना कारण चिन्ता, सन्तति-कष्ट, उद्वेग, अपने लोगों से कलह। (६) शत्रुओं से कलह की निवृत्ति (उन पर विजय हो जाय या उनसे समझौता हो जाय), रोग-शान्ति, विजय, धन-प्राप्ति तथा सब कामों में अनुकूलता (सफलता)। (७) अपनी स्त्री से कलह, नेत्र-रोग, उदर-रोग। (८) ज्वर, चोट या घाव से पीड़ा, धन-नाश, मान-नाश। (९) दीनता या पराजय, अर्थ-नाश, शरीर में निर्बलता, विलम्ब से चलना आदि अशक्तता के लक्षण, धातु-क्षय आदि। (१०) कार्य में असफलता या विघ्न, परिश्रम, दुश्चेष्टा (ऐसा कार्य जो नहीं करना चाहिये अथवा जो कार्य किया जाय उससे हानि)। (११) द्रव्य-लाभ, आरोग्य, ज़मीन-जायदाद में लाभ आदि शुभ फल। (१२) धन-नाश, उष्णता या ताप से विविध रोग, चिन्ता, उद्वेग आदि।
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