Jupiter, Mercury and the Sun are strong if each of their Sthāna-bala, Dig-bala, Kāla-bala, Ceṣṭā-bala and Ayana-bala are respectively 165, 35, 50, 112 and 30 virūpas. The same required for the Moon and Venus are 133, 50, 30, 100 and 40. For Mars and Saturn these are 96, 30, 40, 67 and 20.
अङ्ग-वार पूर्ण-बल: सूर्य, बुध व गुरु — स्थान-बल में 165 कला, दिक्-बल में 35, चेष्टा-बल में 50, काल-बल में 112, अयन-बल में 30 कला पर 'सुबली' होते हैं। शुक्र व चन्द्र — स्थान, दिक्, चेष्टा, काल व अयन में क्रमशः 133°50', 30, 100, 40 कला बल पर सुबली। मंगल व शनि — क्रमशः 96, 30, 40, 67, 20 कला बल पाने पर स्थान, दिक्, चेष्टा, काल व अयन में बली। इन सब स्थानादि-बलों की कलाओं का कुल योग ही पूर्व-श्लोकों में दिए गए षड्बलैक्य की कुल-मात्रा है (स्वल्पान्तर से)।
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