There will be lethargy and physical distress if the Moon be the lord of the 2nd or the 7th from the Ascendant. The remedial measures to obtain relief from the above evil effects and prolongation of longevity are Havana and giving jaggery, ghee, rice mixed with curd, a cow or a female buffalo in charity.
मंगलान्तर्दशा फल :- मन्दस्यान्तरगति भौमे केन्द्रलाभ त्रिकोणगे । तुंगे स्वक्षेत्रे वापि दशाधिपसमन्विते ।।54।। लग्नाधिपेन संयुक्ते आदौ सौख्यं धनागमः । रत्नप्रीतिकरं सौख्यं वाहनाम्बरभूषणम् ।।55।। सेनापत्यं नृपप्रीतिः कृषिगोधान्यसम्यदः । नूतन स्थाननिर्माणं भआत्वर्गेष्ट सौख्यकृत् ।।56।। यदि शनि दशा मे मंगल का अन्तर हो तथा मंगल केन्द्र, त्रिकोण. लामस्थान, स्वोच्च, स्वक्षेत्र मं या दशेश शनि के साथ स्थित हो या लग्नेश कं साथ मंगल हो तो दशारम्म में सुख, धनलाम, राजा से प्रीति, वाहनादि की प्राप्ति, सेनापतित्व, कृषि व पशु धन की वृद्धि, नए स्थान का निर्माण, मायां को सुख होता है ।
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