Distress to wife, loss of position, mental agony, quarrels with close relations etc., will be the results, if Venus be in his sign of debilitation, combust or be in the 6th, the 8th or the 12th (from the Ascendant).
दायेशाद् भाग्यगे चैव केन्द्रे वा लाभसंयुते । राजप्रीतिकरं चैव मनोऽभीष्टप्रदायकम् ।।29।। दानधर्मदयायुक्तं तीर्थयात्रादिकं फलम् । शास्त्रार्थकाव्यरचनां वेदान्त श्रवणादिकम् ।।30।। दारपुत्रार्थ सौख्यं च लभते नात्र संशयः । यदि दशेश शनि से केन्द्र, लामस्थान या त्रिकोण में शुक्रहो तो राजा से प्रीति, मन मेँ अभीष्ट वस्तु लाम का सन्तोष, दान, धर्म दया की वृदिध।, तीर्थयात्रादि फल, शास्त्रं कं अर्थ व्याख्या टीकादि करने का सुयोग, वेदान्त विद्या या ब्रह्मविद्या का श्रवण, स्त्री पुत्र व धनादि का सुख होता है ।
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